Ghatak

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₹ 1,999

32%

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Highlights

GHATAK एक अत्याधुनिक एवं शक्तिशाली ब्रॉड-स्पेक्ट्रम कीटनाशक है, जिसमें फिप्रोनिल 40% + इमिडाक्लोप्रिड 40% WG का प्रभावी संयोजन है। यह विशेष रूप से कृषि फसलों में लगने वाले चूसक (Sucking) एवं कुतरने वाले (Chewing) कीटों के प्रभावी नियंत्रण के लिए विकसित किया गया है। इसकी ड्यूल-एक्शन तकनीक फसल को लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करती है तथा कीटों पर तेज़ और भरोसेमंद प्रभाव दिखाती है।

GHATAK में मौजूद फिप्रोनिल कीटों के तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को प्रभावित कर उन्हें शीघ्र निष्क्रिय कर देता है, जबकि इमिडाक्लोप्रिड पौधों में प्रणालीगत (Systemic) रूप से फैलकर लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करता है। दोनों सक्रिय तत्वों का यह संतुलित संयोजन कीटों पर संपर्क (Contact) एवं पेट (Stomach) दोनों प्रकार की क्रिया करता है, जिससे फसल को व्यापक सुरक्षा मिलती है।

GHATAK धान, गन्ना, कपास, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, सरसों, सब्जियों तथा अन्य अनेक कृषि फसलों में उपयोग के लिए उपयुक्त है। यह दीमक, सफेद सूंडी, तना छेदक, जड़ क्षेत्र के कीट, माहू, जासिड, थ्रिप्स, सफेद मक्खी तथा अन्य प्रमुख हानिकारक कीटों के नियंत्रण में उत्कृष्ट परिणाम देता है। इसका तेज़ नॉकडाउन प्रभाव कीटों को शीघ्र समाप्त करता है, जबकि इसका लंबा अवशिष्ट प्रभाव (Residual Action) फसल को लंबे समय तक सुरक्षित बनाए रखता है।

GHATAK पौधों की जड़ों एवं पत्तियों की सुरक्षा करते हुए फसल की स्वस्थ वृद्धि में सहायता करता है। यह कीटों के कारण होने वाले नुकसान को कम करता है, पौधों की ऊर्जा बचाता है तथा बेहतर प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) में सहायता करता है। परिणामस्वरूप फसल अधिक हरी-भरी, स्वस्थ एवं उत्पादक बनती है। इसके नियमित एवं अनुशंसित उपयोग से किसानों को बेहतर गुणवत्ता की उपज तथा अधिक उत्पादन प्राप्त करने में सहायता मिलती है।

GHATAK आधुनिक कृषि की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया एक विश्वसनीय कीटनाशक है, जो कम मात्रा में भी प्रभावी नियंत्रण प्रदान करता है। यह प्रतिरोध प्रबंधन (Resistance Management) में भी सहायक है तथा समेकित कीट प्रबंधन (IPM) कार्यक्रमों के लिए उपयुक्त विकल्प है। सही समय पर इसका प्रयोग फसल को प्रारंभिक एवं गंभीर कीट प्रकोप से सुरक्षित रखता है और किसानों की उत्पादन लागत को कम करते हुए लाभ बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


(Dose)

100 ग्राम प्रति एकड़ (लगभग 150–200 लीटर पानी में घोलकर समान रूप से छिड़काव करें या स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह अनुसार)।